सोनभद्र। जनपद सोनभद्र के तहसील घोरावल में वित्तीय वर्ष 2007-2008 में कृषकों के वितरण हेतु शासन से प्राप्त सूखा अनुदान योजना के खाते से तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर करके बैंक से धन आधारित किए जाने के संबंध में थाना घोरावल जनपद सोनभद्र में अभियोग पंजीकृत कराया गया था। इस प्रकरण में सूखा राहत योजना के तहत प्राप्त कुल 16 चेकों के माध्यम से तहसील घोरावल के अंतर्गत शासकीय धन 41.50 /लाख रुपए का अभियुक्तों द्वारा आपस में दूरभिसंधि कर गबन किए जाने का अपराध किया गया। योजना के तहत कृषकों को सीधे बैंक के माध्यम से खाते में पैसा भेजा जाना था। किंतु अभियुक्तगण द्वारा शासकीय धन को तहसीलदारों के फर्जी हस्ताक्षर से अपने नाम जारी करके आदेश वाहक के रूप में भुगतान प्राप्त कर गबन किया गया। इस अभियोग में संकलित अभिलेखीय मौखिक साक्ष्यों के विश्लेषण से तत्कालीन कानूनगो सहित चार अभियुक्तों की संलिप्तता पाया गया। तीन अभियुक्तों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल है। वांछित अभियुक्तों के विरुद्ध प्रचलित गिरफ्तारी अभियान के तहत वांछित अभियुक्त तत्कालीन परिचालन प्रबंधक इलाहाबाद बैंक वर्तमान में सीनियर मैनेजर इंडियन बैंक विजेंद्र चौधरी पुत्र राम प्रसाद चौधरी निवासी मकान नंबर 268/1662/1 ए दीघा, दीघा घाट देवी मंदिर एक्स टीटीआई थाना दीघा जनपद पटना को गुरुवार 11 सितंबर 2025 को उनके इंडियन बैंक की शाखा बेउर जिला पटना बिहार से निरीक्षक सुनील कुमार वर्मा की टीम निरीक्षक चंद्र प्रकाश त्रिपाठी, मुख्य आरक्षी छेदी सिंह, सरफराज अंसारी, के साथ गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त किया गया। अभियुक्त को कोर्ट में प्रस्तुत करने हेतु टीम पटना से वाराणसी के लिए प्रस्थान किया है।








