नई दिल्ली/आइजोल। पूर्वोत्तर भारत के विकास और कनेक्टिविटी को नया आयाम देने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मिजोरम में बहुप्रतीक्षित बैराबी-सैरांग रेल लाइन का शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक परियोजना के साथ मिजोरम की राजधानी आइजोल अब पहली बार देश के व्यापक रेल नेटवर्क से सीधे जुड़ गई है।करीब 51.38 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन का निर्माण लगभग 8,070 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। बैराबी से सैरांग तक बिछाई गई यह लाइन न केवल भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण रही, बल्कि इंजीनियरिंग के लिहाज से भी इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।प्रधानमंत्री ने इस मौके पर कहा कि यह परियोजना पूर्वोत्तर की जनता के लिए विकास और अवसरों के नए द्वार खोलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस रेल संपर्क से क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और रोजगार की संभावनाएँ तेजी से बढ़ेंगी।उद्घाटन के साथ ही तीन नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत की गई है, जिससे मिजोरम के लोगों को देश के अन्य हिस्सों से सीधे रेल सुविधा मिलेगी। इससे पहले आइजोल का रेल नेटवर्क से कोई सीधा जुड़ाव नहीं था।विशेषज्ञों का मानना है कि इस रेल लाइन से मिजोरम की अर्थव्यवस्था को बड़ा बल मिलेगा। राज्य में कृषि उत्पाद, हैंडलूम और बांस उद्योग के सामान अब आसानी से बड़े बाजारों तक पहुँच पाएँगे। वहीं आम यात्रियों को भी तेज, सुरक्षित और किफायती परिवहन का विकल्प उपलब्ध होगा।इस परियोजना को पूर्वोत्तर में बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। रेल मंत्रालय के अनुसार, आने वाले वर्षों में पूर्वोत्तर के सभी राज्यों को रेल नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।








