यरूशलम, 14 सितंबर। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दो टूक कहा कि गाजा युद्ध का अंत तब तक संभव नहीं, जब तक हमास नेतृत्व को या तो कतर से बाहर नहीं किया जाता या उनके खिलाफ न्यायिक कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती। नेतन्याहू ने शनिवार को सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि इजरायल हमास नेताओं का पीछा करेगा, चाहे वे दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न छिपे हों। प्रधानमंत्री ने कहा, “कतर में बैठे हमास के आतंकी नेता गाजा के नागरिकों की परवाह नहीं करते। यही लोग बंधकों की रिहाई और संघर्षविराम की राह में रोड़ा बने हुए हैं। जब तक इन्हें बाहर नहीं किया जाता, तब तक जंग खत्म नहीं होगी।” उन्होंने कतर सरकार को भी संदेश दिया कि वह इन नेताओं को तत्काल देश से निकाले, अन्यथा इजरायल अपने दम पर कार्रवाई करेगा। हाल ही में दोहा में हुए इजरायली हमले ने तनाव और बढ़ा दिया है। इस हमले में कथित तौर पर हमास के कुछ सदस्य और एक क़तरी सुरक्षा अधिकारी मारे गए। हालांकि हमास का दावा है कि उसके शीर्ष वार्ताकार सुरक्षित हैं। घटना के बाद हमास ने कहा कि यह हमला “वार्ता प्रक्रिया की हत्या” है और उसके शर्तों में कोई ढील नहीं दी जाएगी। दूसरी ओर कतर ने भी इस हमले की निंदा करते हुए इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताया। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी कतर की राजधानी में हुए हमले की आलोचना हुई है। कई देशों ने चेताया है कि इस तरह की कार्रवाई से न केवल शांति वार्ता बाधित होगी बल्कि क्षेत्रीय तनाव और गहराएगा। विश्लेषकों का मानना है कि नेतन्याहू का यह कड़ा संदेश मध्यस्थता की संभावनाओं पर भारी पड़ सकता है। गाजा में पहले से ही मानवीय संकट गहराता जा रहा है और बंधकों की रिहाई अटकी हुई है। अब देखना यह होगा कि कतर और अन्य मध्यस्थ आगे क्या रुख अपनाते हैं और इजरायल अपने अगले कदम के तौर पर क्या रणनीति तय करता है।








