वाराणसी। वाराणसी की अदालत ने शुक्रवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी और समाजसेवी विशाल सिंह पर गोली चलाने और हत्या का प्रयास करने के मामले में सभी 11 अभियुक्तों को दोषी ठहराया। अदालत ने कहा कि यह घटना केवल व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं, बल्कि समाज की व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने वाले पर हमला था। स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (यूपीएसईबी) श्री विनोद कुमार ने मुख्य अभियुक्त पंकज गुप्ता को धारा 307/149 आईपीसी में आजीवन कारावास और ₹1 लाख जुर्माना, जबकि धारा 3/25 आर्म्स एक्ट में तीन वर्ष की कैद और ₹10 हजार जुर्माना की सजा सुनाई।इसी मामले में सरफराज, परवेज, वसीम, शाहजहां, नुसरत नूरानी, जैनुल हक, अनुज गुप्ता, रतन, रवि और तौफीक को धारा 307/120बी आईपीसी के तहत 14-14 वर्ष की कैद और प्रत्येक पर ₹1 लाख जुर्माना लगाया गया। अदालत ने आदेश दिया कि कुल ₹8,80,000 घायल विशाल सिंह को मुआवजे के रूप में दिया जाए। मामले के एक अन्य अभियुक्त अनूप गुप्ता की सुनवाई के दौरान ही मृत्यु हो गई थी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, विशाल सिंह लगातार विजयनगरम मार्केट, कैंट स्थित एक अवैध होटल में वेश्यावृत्ति और स्कूल-कॉलेज के छात्रों को कमरा दिए जाने का विरोध करते थे। वे इस बारे में लगातार पुलिस और उच्चाधिकारियों को आईजीआरएस प्रार्थना पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग करते रहे। इसी से नाराज होकर अभियुक्तों ने 29 सितम्बर 2021 को षड्यंत्र रचकर हमला किया।उस दिन पंकज गुप्ता ने साथियों की मदद से विशाल सिंह पर गोली चलाई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। पहले उन्हें सिंह मेडिकल अस्पताल और फिर हालत नाजुक होने पर वेदांता, गुड़गांव रेफर किया गया, जहां लंबा इलाज चला।अभियोजन की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) रोहित मौर्य ने की।वादी पक्ष से अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह, सोनू ठाकुर, कांता कुशवाहा और सुधांशु गुप्ता कोर्ट में उपस्थित रहे। मुकदमे के दौरान कुल 12 गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए यह सख्त फैसला सुनाया।








