नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2025 के नतीजे घोषित हो गए हैं। इस बार छात्र राजनीति के महासंग्राम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने दमदार प्रदर्शन करते हुए अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव समेत कुल तीन पद अपने नाम किए, जबकि उपाध्यक्ष पद पर राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) ने जीत दर्ज कर संतुलन साधा। चुनावी नतीजों ने एक बार फिर एबीवीपी की मजबूत पकड़ को दिखाया है, वहीं एनएसयूआई ने भी उपाध्यक्ष पद पर रिकॉर्ड मतों से जीत कर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। घोषित परिणामों के मुताबिक अध्यक्ष पद पर एबीवीपी उम्मीदवार आर्यन मान ने 28,841 मत पाकर शानदार जीत हासिल की। उनके निकटतम प्रतिद्वंदी एनएसयूआई की जोसलिन नंदिता चौधरी को 12,645 वोट मिले, जबकि वामपंथी मोर्चे की आइसा-एसएफआइ प्रत्याशी अंजलि 5,385 मतों पर सिमट गईं।उपाध्यक्ष पद पर इस बार मुकाबला बेहद रोचक रहा। एनएसयूआई के राहुल झांसला ने 29,339 वोट पाकर एबीवीपी के प्रत्याशी गोविंद तंवर (20,547 वोट) को पछाड़ दिया। वामपंथी खेमे से जुड़े सोहन को यहां 4,163 मत मिले। सचिव पद पर एबीवीपी के कुणाल चौधरी ने 23,779 मत हासिल कर एनएसयूआई के कबीर (16,117 वोट) को मात दी। इस पद पर आइसा-एसएफआइ की अभिनंदना को मात्र 228 वोट मिले। संयुक्त सचिव पद पर भी एबीवीपी ने बाजी मारी। यहां दीपिका झा ने 21,825 मतों से जीत दर्ज की। एनएसयूआई प्रत्याशी लवकुश भड़ाना को 17,380 वोट मिले। वहीं वामपंथी प्रत्याशी अभिषेक को 8,425 वोट हासिल हुए। मतदान के आंकड़े भी इस चुनाव की गहमागहमी को दर्शाते हैं। अध्यक्ष पद पर 59,882, उपाध्यक्ष पद पर 59,869, सचिव पद पर 59,863 और संयुक्त सचिव पद पर 69,919 छात्रों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इन नतीजों ने एक ओर जहां एबीवीपी को बड़ी सफलता दिलाई है, वहीं एनएसयूआई ने उपाध्यक्ष पद पर रिकॉर्ड जीत दर्ज कर यह संदेश दिया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय की राजनीति में उसका प्रभाव अब भी बरकरार है। दूसरी ओर, वामपंथी संगठनों को अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई और वे हाशिए पर ही सिमटकर रह गए।








