बरेली। बरेली पुलिस ने चर्चित दिशा पाटनी फायरिंग केस के पांचवें आरोपी रामनिवास उर्फ दीपू को शाही थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान रामनिवास के पैर में गोली लगी और उसे घायल अवस्था में पकड़ा गया। उसके साथ अनिल नामक एक अन्य आरोपी भी पुलिस के हत्थे चढ़ा। दोनों के पास से अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने रामनिवास की गिरफ्तारी पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया था।रामनिवास ने पूछताछ में बताया कि उसने 6 और 7 सितंबर को दिशा पाटनी के घर की रेकी की थी। पूछताछ के दौरान उसने पुलिस के सामने नौबत आने पर हाथ जोड़ते हुए कहा, “अब बाबा के यूपी में कभी नहीं आऊंगा”. बरेली के सिविल लाइंस इलाके में 12 सितंबर को दिशा पाटनी के पैतृक घर पर बाइक सवार बदमाशों ने तड़के करीब 3.45 बजे गोलीबारी की थी, जिससे पूरे शहर में सनसनी फैल गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के दो आरोपी अरुण और रवींद्र इसी केस में इससे पहले गाजियाबाद में एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं, दो नाबालिग आरोपियों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जबकि रामनिवास को बरेली पुलिस ने मुठभेड़ में पकड़कर गिरोह का सफाया किया. पुलिस ने घटनास्थल से अवैध स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल भी जब्त की, जिसका इस्तेमाल फायरिंग में किया गया था। आरोपियों ने हमले से पहले इलाके की कई बार रेकी की थी। गिरोह ने दिशा की बहन खुशबू पाटनी के वीडियो को आधार बनाकर सोशल मीडिया पर हमले की जिम्मेदारी ली। फिलहाल पुलिस ने केस में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया गया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस, स्पेशल टास्क फोर्स, दिल्ली व हरियाणा पुलिस के मिलेजुले प्रयास का नतीजा रही। इससे प्रदेश में संगठित आपराधिक गिरोहों के विरुद्ध सख्त संदेश गया है.








