वाराणसी। पितृ विसर्जन के पावन अवसर पर काशी मोक्ष दायिनी सेवा समिति ने रविवार को दंडी घाट, शिवाला पर विशेष अनुष्ठान का आयोजन किया। इस दौरान उन सैकड़ों लावारिस शवों के लिए विधिवत पिंडदान और शांति पाठ कराया गया, जिनका अंतिम संस्कार संस्था द्वारा पूर्व में संपन्न कराया गया था। ग्यारह वैदिक ब्राह्मणों की उपस्थिति में हुए इस अनुष्ठान में दिवंगत आत्माओं की मोक्ष शांति के लिए वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिविधानपूर्वक क्रियाएं संपन्न की गईं। संस्था के अध्यक्ष पवन चौधरी ने बताया कि काशी मोक्ष दायिनी सेवा समिति विगत ग्यारह वर्षों से नि:शुल्क लावारिस शवों का दाह संस्कार कर रही है। संस्था न केवल शवों को घाट तक लाने का कार्य करती है, बल्कि पूरे विधि-विधान के साथ उनका संस्कार भी कराती है। उन्होंने कहा कि समाज में यह सेवा उन आत्माओं को सम्मान दिलाने का प्रयास है, जिनका कोई अपना अंतिम संस्कार करने वाला नहीं होता।इस अवसर पर शहर के कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। श्रद्धा और भावनाओं से परिपूर्ण इस आयोजन में केशव जालान निधि, देव अग्रवाल, जज राजश्री शुक्ला, राजेश मिश्रा, अंशुमान जायसवाल, माधुरी देवी, दीपचंद्र विश्वकर्मा, शिवकुमार वेदव्रत, शिवनंदन, पवन चौबे, प्रदीप सिंह, कृष्णा ज्ञान प्रकाश, रजनीश गुप्ता सहित अन्य लोग शामिल हुए।पवित्र गंगा तट पर हुए इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि प्रत्येक जीवन का सम्मान किया जाना चाहिए और मृत्यु के उपरांत भी सभी को उचित संस्कार और सम्मान मिलना समाज का धर्म है।








