
पूर्वांचल में गोंड समाज की क्षेत्रीय उपस्थिति को लेकर उठाए जा रहे असंगत सवालों पर भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष सुनीता सिंह गौड़ ने प्रशासनिक साक्ष्यों, आयोग की रिपोर्ट और शैक्षिक प्रमाणों के आधार पर सशक्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि गोंड समाज की उपस्थिति केवल सोनभद्र और मिर्जापुर तक सीमित नहीं है, बल्कि कुशीनगर, आज़मगढ़, बलिया, चंदौली, देवरिया, गाजीपुर, वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल में गोंड समाज की ऐतिहासिक और वर्तमान मौजूदगी प्रमाणित है।
सुनीता सिंह गोंड ने बताया कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष के नेतृत्व में हुए सर्वेक्षण, पंचायत रिकॉर्ड, मतदाता सूची, भूमि अभिलेख और शासनादेश स्पष्ट रूप से यह प्रमाणित करते हैं कि गोंड समाज इस क्षेत्र का अभिन्न अंग है।
उन्होंने कहा कि 24 दिसंबर 2022 के शासनादेश में यह व्यवस्था की गई थी कि जिनके पास पूर्व में एससी श्रेणी का प्रमाण पत्र है, उन्हें सीधे एसटी प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। यह आदेश स्वयं प्रदेश सरकार द्वारा जारी किया गया है, और अब इसे नकारने का कोई औचित्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों की रिपोर्टों में भी गोंड समाज की भाषा, परंपरा, उत्सव और सांस्कृतिक विरासत का विस्तार प्रमाणित पाया गया है। “जब केंद्र और राज्य सरकार, आयोग और प्रशासन स्वयं गोंड समाज की पहचान और अधिकारों को मान्यता दे चुके हैं, तो किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाह या गलत पत्राचार संविधान और सच्चाई—दोनों के खिलाफ है,” उन्होंने कहा।
सुनीता सिंह गौड़ ने विरोधी तत्वों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए पर्दे के पीछे से भ्रम फैलाने और समाज को तोड़ने का षड्यंत्र कर रहे हैं, हरिनाथ तो केवल उनके एक मोहरे हैं l विपक्ष के प्रभाव में आकर राजनैतिक वर्चस्व को स्थापित रखने हेतु सरकार को बदनाम करने का एक षड्यंत्र है लेकिन पूर्वांचल में निवासरत गोंड समाज के पास प्रमाण, सच्चाई और संविधान की ताकत है। ऐसे प्रयास न केवल असफल होंगे, बल्कि समाज विरोधी तत्व को सड़क से लेकर संवैधानिक मंच तक बेनकाब करने से पीछे नहीं हटेगा।”
सुनीता सिंह गोंड ने गोंड समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे एकजुट रहें, प्रशासनिक प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखें और अफवाहों से प्रभावित न हों। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “जब तक साक्ष्य गांव-गांव में मौजूद हैं और आयोग व सरकार की मुहर हमारे साथ है, तब तक किसी भी भ्रामक बयानबाज़ी का कोई महत्व नहीं है।”








