नई दिल्ली। न्यायपालिका को अधिक सशक्त और प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए शनिवार को केंद्र सरकार ने उच्च न्यायालय में 24 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की घोषणा की। लंबे समय से लंबित मामलों के तेजी से निस्तारण और अदालतों पर बढ़ते बोझ को कम करने के उद्देश्य से की गई इन नियुक्तियों को न्यायिक व्यवस्था को नई गति और दक्षता प्रदान करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। इन नए न्यायाधीशों में कई वरिष्ठ अधिवक्ता और न्यायिक सेवाओं से आए अधिकारी शामिल हैं, जिनसे उम्मीद की जा रही है कि वे न्यायालय की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनहितैषी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। नियुक्त न्यायाधीशों की सूची में विवेक सारण, विवेक कुमार सिंह, श्रीमती गरिमा प्रसाद, सुदांशु चौहान, अभदेश कुमार चौधरी, श्रीमती स्वरूपमा चतुर्वेदी, सिद्धार्थ नंदन, कुणाल रवि सिंह, इंद्रजीत शुक्ला, सत्यवीर सिंह, डॉ. अजय कुमार, जीचवन प्रकाश, दिवेश चंद्र समंत, प्रशांत मिश्रा-I, तरुण सक्सेना, राजीव भारती, पदम नारायण मिश्रा, लक्ष्मी कांत शुक्ला, जयप्रकाश तिवारी, देवेंद्र सिंह-I, संजीव कुमार, श्रीमती वाणी रंजन अग्रवाल, आचल सचदेव और श्रीमती बबिता रानी को न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। न्यायपालिका के विशेषज्ञों का मानना है कि यह नियुक्तियां न्याय वितरण प्रणाली को गति देने में मील का पत्थर साबित होंगी। गौरतलब है कि उच्च न्यायालयों में रिक्त पदों की बढ़ती संख्या अक्सर मामलों के लंबित रहने का प्रमुख कारण रही है। नए न्यायाधीशों के शामिल होने से न्यायिक कार्य में गति आने और न्याय के समयबद्ध निस्तारण का मार्ग प्रशस्त होगा। इन सभी न्यायाधीशों के शीघ्र ही अपने-अपने पदभार ग्रहण करने की संभावना है, जिसके बाद न्यायिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी होगी। आम जनता को त्वरित न्याय की ओर बढ़ते इस महत्वपूर्ण कदम का प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।








