जमानियां । जमानियां में शनिवार को आयोजित थाना समाधान दिवस एक नई पहल का साक्षी बना, जहां तीन छात्राओं ने कोतवाली प्रभारी की कुर्सी पर बैठकर फरियादियों की समस्याओं का निस्तारण किया। यह आयोजन राज्य शासन के निर्देशानुसार, नारी शक्ति मिशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। इस दिन को खास बनाने के लिए राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की तीन छात्राओं—अंकिया यादव, वीणा वर्मा और उजमा खानम को एक दिन के लिए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई।नारी शक्ति मिशन के तहत छात्राओं को सौपी गई जिम्मेदारी जिसमें सात घंटे के इस समाधान दिवस कार्यक्रम में इन छात्राओं ने न केवल फरियादियों की समस्याएं सुनीं, बल्कि उन्हें तत्काल समाधान देने के लिए उचित दिशा-निर्देश भी दिए। कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी अनिल कुमार, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह सहित कानूनगो नसीमुल्लाह और अजय कुमार यादव के साथ पुलिस प्रशासन के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। अंकिया यादव, वीणा वर्मा और उजमा खानम ने फरियादियों से प्राप्त 8 शिकायती पत्रों का अवलोकन किया। इनमें से 2 समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि शेष 6 मामलों के निस्तारण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। छात्राओं द्वारा की गई कार्रवाई और सटीक निर्देशों की सराहना करते हुए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने कहा, “यह पहल न केवल छात्राओं को प्रशासनिक कार्यों के प्रति जागरूक करने का एक शानदार तरीका है, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।” थाना समाधान दिवस के दौरान फरियादियों ने विभिन्न मुद्दों जैसे भूमि विवाद, परिवारिक मुद्दे और छोटे-मोटे विवादों से संबंधित शिकायतें प्रस्तुत की। इन समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करने के लिए प्रशासन ने उचित कदम उठाए। इन घटनाओं ने यह सिद्ध कर दिया कि पुलिस और प्रशासन का कार्य केवल अपराधियों से निपटना ही नहीं, बल्कि आम जनता की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करना भी है। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब छात्राओं और महिलाओं को प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंप दी जाती हैं, तो वे न केवल समाज को जागरूक करती हैं बल्कि विभिन्न मुद्दों का समाधान भी करती हैं। इस पहल से न केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली को एक नया आयाम मिला है, बल्कि समाज में महिला सशक्तिकरण के लिए एक सकारात्मक संदेश भी गया है। इस प्रकार के आयोजन न केवल महिलाओं को सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक करते हैं, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में आने और नेतृत्व करने के लिए भी प्रेरित करते हैं। आने वाले समय में इस तरह की पहलों को अन्य क्षेत्रों में भी बढ़ावा दिया जा सकता है, ताकि नारी शक्ति को और मजबूती से समाज में जगह मिल सके।कार्यक्रम के दौरान उपनिरीक्षक अभिनव कुमार गुप्ता, रतन कुमार सरोज, दुर्गेश कुमार और अन्य पुलिस कर्मी भी मौजूद रहे, जिन्होंने छात्राओं की मदद की और उन्हें प्रशासनिक कार्यों के बारे में जानकारी दी। यह आयोजन निश्चित रूप से जमानियां के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा, और भविष्य में इसी प्रकार की पहलें और भी प्रभावी तरीके से समाज में बदलाव लाने में सहायक साबित हो सकती हैं।








