वाराणसी। चितईपुर थाना क्षेत्र के व्यस्ततम चितईपुर चौराहे पर बिजली विभाग और नगर निगम की लापरवाही साफ दिखाई दे रही है , जानकारी के अनुसार, सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से सटे नीम के पेड़ में करंट उतर गया, जिसकी चपेट में आकर एक गाय की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि करंट उतरते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
राह चलते कई लोग इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बचे। समय रहते लोगों ने एक-दूसरे को सतर्क कर दिया, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि अगर लापरवाही इसी तरह जारी रही और पेड़ों की छटाई नहीं कराई गई तो किसी दिन दर्जनों लोगों की जान जा सकती है। वहीं, दूसरी ओर पंचकोशी मार्ग पर गंगा-जमुनी की तरह पानी बहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राहगीरों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी हालात पर ध्यान देने के बजाय केवल घटना का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाया तो कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। चितईपुर क्षेत्र निवासी रमेश गुप्ता ने बताया कि “बिजली के खंभों से सटे पेड़ों की स्थिति बेहद खतरनाक हो गई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद विभागीय अधिकारी मौके पर नहीं आते। अगर आज गाय की जगह कोई बच्चा या राहगीर करंट की चपेट में आ जाता तो बहुत बड़ी घटना हो सकती थी।” वहीं दुकानदार विजय यादव ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “
चितईपुर चौराहा दिनभर भीड़भाड़ वाला इलाका है। यहां हर वक्त सैकड़ों लोग गुजरते हैं। लेकिन बिजली विभाग और नगर निगम लापरवाह बने हुए हैं। हम लोग रोज अपनी जान जोखिम में डालकर गुजरने को मजबूर हैं।” स्थानीय महिला निवासी गीता देवी ने कहा कि “पंचकोशी मार्ग पर पानी का जमाव महीनों से बना हुआ है। बरसात के दिनों में सड़क तालाब बन जाती है। छोटे-छोटे बच्चे और बुजुर्ग लोग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। अधिकारी सिर्फ कागजों पर काम दिखाते हैं, जमीनी हकीकत कोई देखने नहीं आता।” घटना की सूचना पाकर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और बिजली विभाग को तत्काल तारों की जांच और पेड़ों की छटाई कराने के निर्देश दिए। हालांकि समाचार लिखे जाने तक नगर निगम और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे थे। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए नगर निगम और बिजली विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर खंभों से सटे पेड़ों की छटाई करनी होगी। वहीं, जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए पंचकोशी मार्ग पर नालों की सफाई और जलनिकासी की ठोस व्यवस्था जरूरी है।क्षेत्रीय जनता ने चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने त्वरित कार्रवाई नहीं की तो आने वाले दिनों में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा।








