वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) स्थित ऐतिहासिक रंगशाला में इन दिनों भक्ति, भव्यता और सांस्कृतिक चेतना का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। महान मर्मज्ञ कथा वाचक पंडित आशीष शर्मा के सुमधुर कंठ से संगीतमय राम कथा और कलाकारों द्वारा प्रस्तुत रामलीला का ऐसा दिव्य आयोजन हो रहा है, जिसमें श्रद्धालु भाव-विभोर होकर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की जीवन गाथा का रसपान कर रहे हैं। यह धार्मिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव 22
सितम्बर से 01 अक्टूबर 2025 तक प्रतिदिन सायं 6:45 बजे से आयोजित हो रहा है। प्रतिदिन कथा और रामलीला के विभिन्न प्रसंग जीवंत होकर श्रद्धालुओं को धर्म, मर्यादा और आदर्श जीवन मूल्यों की ओर प्रेरित कर रहे हैं। राम कथा के दूसरे दिन पंडित आशीष शर्मा ने धनुष यज्ञ और लक्ष्मण-परशुराम संवाद प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उनकी सजीव शैली, गहन मर्मज्ञता और मधुर वाणी ने श्रोताओं को ऐसा अनुभूत कराया मानो वे स्वयं मिथिला नगरी में घटित उस अलौकिक प्रसंग के साक्षी हों। जैसे ही पंडित जी ने परशुराम और लक्ष्मण के संवाद का प्रभावशाली चित्रण किया, पूरा पांडाल उत्साह, रोमांच और भक्ति से गूंज उठा।कथा के साथ-साथ रामलीला का मंचन भी अत्यंत आकर्षक रहा। कलाकारों ने भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों को जीवंत कर दर्शकों को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान किया। रामलीला की सजीव झांकियों, संवादों और अभिनय ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर बरेका परिवार के अधिकारी, कर्मचारी तथा आसपास क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु, विशेषकर महिलाओं की बड़ी संख्या उपस्थित रही। दर्शकों की भीड़ से पूरा परिसर खचाखच भर गया और वातावरण में “जय श्रीराम” के उद्घोष गूंज उठे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार, सहायक क्रीडा अधिकारी, श्री एस.डी. सिंह, श्री अनूप सिंह,श्री वेद प्रकाश सिंह, श्रीमती बिंदु सिंह, श्री गौरव, श्री रितेश, श्री धर्मेंद्र सिंह, श्री पंकज श्रीवास्तव, श्री एस.के. सिंह,अजय, कमलेश एवं विजयदशमी समिति के समस्त पदाधिकारी मौजूद रहे।बरेका रंगशाला में आयोजित यह भव्य राम कथा और रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में धर्म, मर्यादा और आदर्श जीवन मूल्यों की स्थापना का प्रेरणास्रोत बन रही है। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर के रूप में संजोने योग्य है।








