वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना राजभाषा विभाग के तत्वावधान में आज दिनांक 26 सितम्बर को बरेका प्राविधिक प्रशिक्षण केन्द्र सभागार में बरेका राजभाषा पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताओं के विजेताओं में पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
इस अवसर पर सर्वप्रथम मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं मुख्य अभिकल्प इंजीनियर-डीजल श्री प्रवीण कुमार ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि हमें अपनी भाषा पर गर्व करते हुए उसके उत्थान के लिए हमेशा कार्य करना है । विशिष्ट अतिथि प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर श्री विवेक शील ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिन्दी एक अति प्राचीन भाषा है, समय के साथ हिन्दी का सतत् विकास हो रहा है। स्वतंत्रता आन्दोलन में भी हिन्दी सम्पर्क भाषा के रूप में खासकर हिन्दी् पत्रिका ने अहम् भूमिका निभाया।
इसी क्रम में अतिथि वक्ता एवं काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से हिन्दी विभाग के प्रोफेसर श्री नीरज खरे ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदी को और कैसे समृद्ध और उपयोगी बनाए जाए उसी को लेकर यह पखवाडा मनाया जाता है। जिस प्रकार नदी में चारों ओर से धाराएं आकर मिलती है, उसी प्रकार हिन्दी एक बहती नदी है और उसमें विभिन्न् भाषाओं के शब्दों का समागम है। साथ ही उन्होंने बताया कि हिंदी की अपनी व्याकरण है, उसका जरूर ध्यान रखना चाहिए, जहां हिन्दी समर्थ है, वहां हमें दूसरी भाषा के शब्दों को नहीं अपनाना चाहिए। भाषा समय का आइना होता है, जो हमारी भावनाओं को व्यक्त करता है।
इस अवसर पर बरेका से प्रकाशित छमाही पत्रिका “बरेका दर्पण” के 36वें अंक का विमोचन भी किया गया। तत्पश्चापत् राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों एवं अधिकारियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।
इस दौरान प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक श्री आलोक अग्रवाल, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी-प्रशासन श्री लालजी चौधरी, मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री अंकुर चंद्रा, मुख्य विद्युत इंजीनियर-निरिक्षण श्री एम.के.गुप्ता, मुख्य अभिकल्प इंजीनियर-विद्युत श्री अनुराग कुमार गुप्ता, मुख्य यांत्रिक इंजीनियर-एस.ई. श्री नीरज जैन, मुख्य संरक्षा अधिकारी श्री रामजन्म चौबे के साथ ही काफी संख्या में विभागाध्यक्ष, अधिकार एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी श्री अंकुर रामपाल एवं कार्यक्रम का सुरूचिपूर्ण संचालन वरिष्ठ अनुवादक श्री आलोक कुमार पाण्डेय ने किया।








