मुगलसराय/चंदौली भारतवंशी गोंड आदिवासी महासभा की प्रदेश कार्यकारिणी की एक अहम बैठक 24 सितम्बर 2025 को महासभा मुख्यालय में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता महासभा के अध्यक्ष डॉ. उमेश चन्द्र ने की। बैठक में हाल ही में एक प्रतिष्ठित अखबार में प्रकाशित खबर और उसके आधार पर की गई शिकायत पर गंभीर आपत्ति दर्ज की गई। डॉ. चन्द्र ने बताया कि सोनभद्र के हरिनाथ खरवार द्वारा की गई शिकायत में कहा गया कि पिछड़े वर्ग के कुछ लोग गोंड और खरवार की पहचान लेकर अनुसूचित जाति एवं जनजाति का लाभ उठा रहे हैं। इस शिकायत को राज्यसभा सदस्य बृजलाल ने अपने लेटर पैड पर शासन को भेजा था, जिसका समर्थन राबर्ट्सगंज सांसद छोटे लाल खरवार और ओबरा विधायक संजीव गोंड ने भी किया। महासभा ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है कि गोंड और खरवार केवल सोनभद्र और चंदौली के नौगढ़ क्षेत्र तक सीमित हैं। डॉ. चन्द्र ने ऐतिहासिक तथ्यों और सरकारी अभिलेखों का हवाला देते हुए बताया कि अंग्रेजी हुकूमत की 1931 की जनगणना में तत्कालीन यूनाइटेड प्रॉविन्स के बनारस डिवीजन (बनारस, बलिया, मिर्जापुर, गाजीपुर, जौनपुर) और गोरखपुर डिवीजन (गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़) में गोंड समुदाय की बड़ी आबादी दर्ज की गई थी। यही स्थिति 1941 की जनगणना में भी परिलक्षित होती है। साथ ही उन्होंने शासनादेश संख्या 454 सी.एम./26-3-95-3(28)/78, दिनांक 15 सितम्बर 1995 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि गोंड जाति की उपस्थिति पूरे प्रदेश में मान्य है। अतः यह कहना भ्रामक और राजनीति से प्रेरित है कि गोंड और खरवार केवल सीमित क्षेत्रों तक ही पाए जाते हैं।महासभा ने जोर देकर कहा कि अनुच्छेद 341 और 342 के तहत लोकसभा और राज्यसभा ने गोंड को प्रदेश के 17 जनपदों और खरवार को 5 जनपदों में अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल किया था। इस प्रक्रिया में सरकार की अनुशंसा और विधायी प्रक्रिया का पालन किया गया था। ऐसे में उपरोक्त जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने लेटर पैड का दुरुपयोग कर इस तरह की शिकायतों का समर्थन करना निंदनीय और अस्वीकार्य है। बैठक में सर्वसम्मति से उक्त जनप्रतिनिधियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। यह प्रस्ताव लोकसभा, राज्यसभा, प्रदेश विधानसभा और जनजातीय मंत्रालय, भारत सरकार को जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया जाएगा।बैठक में श्रीकृष्ण गोंड, प्यारेलाल गोंड, रविशंकर प्रसाद गोंड, सुरेश गोंड, घुरहू प्रसाद गोंड, पूर्व विधायक प्रत्याशी संजीव गोंड सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन प्रदेश सचिव श्रीकृष्ण गोंड ने किया।








